सुरक्षित बैंकिंग एवं ग्राहक संरक्षण
आपकी जमा राशि किस प्रकार सुरक्षित है, कुछ गलत होने पर क्या करें, और बैंक द्वारा समाधान न होने पर आगे कहाँ जाएँ।
क्या आपके खाते से पैसा निकल गया है?
पहले कुछ घंटों में ही सूचना दें — तभी अंतरण रोका जा सकता है। राष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी हेल्पलाइन पर कॉल करें, फिर अपनी शाखा को बताएँ ताकि खाता या कार्ड ब्लॉक किया जा सके।
एक जमाकर्ता के रूप में आपकी सुरक्षा
भारत में सहकारी बैंक के हर ग्राहक को ये छह बातें जाननी चाहिए।
ये अनुभाग भारतीय रिज़र्व बैंक तथा डीआईसीजीसी द्वारा सहकारी बैंकों पर सामान्यतः लागू नियमों का विवरण देते हैं — ये इस बैंक की अपनी उत्पाद शर्तें नहीं हैं। प्रत्येक विषय के साथ संबंधित प्राधिकरण के पृष्ठ का लिंक दिया गया है ताकि आप मूल स्रोत पर जाँच सकें। अपने खाते से जुड़ी किसी भी बात के लिए शाखा से संपर्क करें।
- बीमा कवर प्रति जमाकर्ता प्रति बैंक रु. 5,00,000 तक है, जिसमें मूलधन और ब्याज दोनों मिलाकर गिने जाते हैं।
- यह सीमा उस बैंक में समान अधिकार एवं समान क्षमता में रखी आपकी सभी जमाओं के योग पर लागू होती है — बचत, चालू, सावधि तथा आवर्ती जमा सहित।
- बीमा प्रीमियम बैंक द्वारा चुकाया जाता है। जमाकर्ता से इसके लिए कभी शुल्क नहीं लिया जाता।
- भिन्न क्षमता में रखी जमाएँ — जैसे एक खाता आपके अपने नाम और दूसरा किसी नाबालिग के संरक्षक के रूप में — अलग-अलग बीमाकृत मानी जाती हैं।
- चरण 1 — शाखा में स्वयं जाकर अथवा इस साइट के शिकायत फ़ॉर्म से शिकायत करें, और आपको क्या बताया गया, उसका विवरण रखें।
- चरण 2 — शिकायत बैंक को लिखित रूप में दें और पावती अपने पास सुरक्षित रखें।
- चरण 3 — यदि बैंक 30 दिनों में उत्तर न दे, अथवा उत्तर से आप संतुष्ट न हों, तो आप रिज़र्व बैंक — एकीकृत लोकपाल योजना, 2021 के अंतर्गत आरबीआई लोकपाल के पास शिकायत ले जा सकते हैं।
- शिकायत निःशुल्क दर्ज होती है — ऑनलाइन cms.rbi.org.in पर, अथवा डाक द्वारा: केंद्रीकृत प्राप्ति एवं प्रसंस्करण केंद्र, भारतीय रिज़र्व बैंक, चौथी मंज़िल, सेक्टर 17, चंडीगढ़ – 160017, अथवा आरबीआई संपर्क केंद्र 14448 पर कॉल करके।
- यह योजना आरबीआई द्वारा निर्धारित जमा-आकार सीमा से ऊपर के सहकारी बैंकों पर लागू होती है। शिकायत दर्ज करने से पहले आरबीआई के पृष्ठ पर पात्रता अवश्य देखें।
- कोई भी बैंक अथवा उसका कोई कर्मचारी आपसे पिन, ओटीपी, सीवीवी, कार्ड नंबर या इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड कभी नहीं पूछेगा। जो भी पूछे, वह धोखाधड़ी का प्रयास है — इसमें स्वयं को बैंक या केवाईसी विभाग का बताने वाले कॉल तथा “बिजली बिल” और “रिवॉर्ड पॉइंट” वाले संदेश भी शामिल हैं।
- वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की सूचना तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर अथवा cybercrime.gov.in पर दें। पहले कुछ घंटों में सूचना देने पर राशि आगे जाने से पहले रोकी जा सकती है।
- साथ ही अपनी शाखा को भी सूचित करें ताकि खाता अथवा कार्ड ब्लॉक किया जा सके।
- संदिग्ध कॉल और एसएमएस तथा आपके नाम पर लिए गए मोबाइल कनेक्शन की शिकायत भारत सरकार के संचार साथी पोर्टल पर की जा सकती है।
- किसी के कहने पर स्क्रीन-शेयरिंग या “सपोर्ट” ऐप कभी इंस्टॉल न करें, और पैसे *प्राप्त* करने के लिए कभी क्यूआर कोड स्कैन न करें — कोड स्कैन करने पर पैसा आपके खाते से जाता है, आता नहीं।
स्रोत: राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल(नए टैब में खुलता है)
- नामांकन की सुविधा जमा खातों, सुरक्षित लॉकर तथा सुरक्षित अभिरक्षा में रखी वस्तुओं के लिए उपलब्ध है।
- आप खाता खोलते समय नामिती दर्ज करा सकते हैं, अथवा बाद में शाखा में निःशुल्क जोड़ या बदल सकते हैं।
- नामिती को राशि विधिक उत्तराधिकारियों के न्यासी के रूप में मिलती है — नामांकन यह तय करता है कि बैंक किसे भुगतान कर सकता है, न कि अंततः राशि का स्वामी कौन है।
- यदि आपके खाते एक से अधिक बैंकों में हैं, तो प्रत्येक बैंक में अलग नामांकन कराना होगा।
- जिस खाते में दो वर्ष से अधिक समय तक ग्राहक द्वारा किया गया कोई लेनदेन न हो, वह निष्क्रिय (इनऑपरेटिव) माना जाता है। केवाईसी के बाद कोई लेनदेन अथवा लिखित अनुरोध उसे पुनः सक्रिय कर देता है।
- दस वर्ष तक अदावी रहने वाली जमाएँ बैंकों द्वारा भारतीय रिज़र्व बैंक के जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता (डीईए) कोष में अंतरित कर दी जाती हैं।
- इस कोष में अंतरण से आपका दावा समाप्त नहीं होता: जब भी जमाकर्ता अथवा विधिक उत्तराधिकारी सामने आते हैं, बैंक ब्याज सहित राशि लौटाता है।
- यह बैंक अदावी खातों की अपनी डीईएएफ सूची प्रकाशित करता है। आरबीआई का उद्गम (UDGAM) पोर्टल भी भाग लेने वाले बैंकों में अदावी जमा खोजने की सुविधा देता है।
- आधिकारिक रूप से वैध दस्तावेज़ (ओवीडी) हैं: पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार रखने का प्रमाण, मतदाता पहचान पत्र, राज्य सरकार के अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित मनरेगा जॉब कार्ड, अथवा राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर द्वारा जारी पत्र।
- कर प्रयोजनों हेतु पैन — अथवा पैन न होने पर फ़ॉर्म 60 — अतिरिक्त रूप से आवश्यक है।
- यदि प्रस्तुत ओवीडी में आपका वर्तमान पता न हो, तो पते के लिए अलग दस्तावेज़ माँगा जा सकता है।
- बैंकों को समय-समय पर केवाईसी अभिलेख अद्यतन करने होते हैं। कुछ वर्षों बाद पुनः पूछा जाना सामान्य री-केवाईसी है, आपके खाते में कोई समस्या नहीं — किंतु किसी लिंक या ऐप के माध्यम से “केवाईसी पूरी करें” कहने वाले कॉल या एसएमएस आम धोखाधड़ी हैं। केवाईसी सदैव शाखा में कराएँ।
बड़े मूल्य के चेक हेतु पॉज़िटिव पे
पॉज़िटिव पे में बड़े मूल्य का चेक जारी करने वाला व्यक्ति चेक प्रस्तुत होने से पहले उसकी तिथि, प्राप्तकर्ता और राशि की पुष्टि बैंक को दोबारा करता है, जिससे चेक में की गई छेड़छाड़ पकड़ी जा सके। भारतीय रिज़र्व बैंक बैंकों को रु. 50,000 से अधिक के चेकों पर यह सुविधा देने और रु. 5,00,000 से अधिक पर इसे अनिवार्य करने की अनुमति देता है। इस बैंक के शिकायत फ़ॉर्म में पॉज़िटिव पे पहले से एक सेवा क्षेत्र के रूप में दर्ज है — आपके खाते पर लागू सीमा शाखा से पुष्टि करें।
स्रोत: आरबीआई(नए टैब में खुलता है)
कहाँ जाँचें और कहाँ शिकायत करें
इनमें से प्रत्येक संबंधित प्राधिकरण की अपनी वेबसाइट खोलता है, जहाँ वर्तमान नियम एवं प्रक्रियाएँ प्रकाशित हैं।
DICGC(नए टैब में खुलता है)
निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम (डीआईसीजीसी)
इस साइट पर दिखाया गया डीआईसीजीसी चिह्न निगम की अपनी वेबसाइट से जुड़ा है, जहाँ जमा बीमा कवर और दावे की जानकारी प्रकाशित है।
RBI Kehta Hai(नए टैब में खुलता है)
भारतीय रिज़र्व बैंक — जन-जागरूकता एवं शिकायत पोर्टल
भारतीय रिज़र्व बैंक का जन-जागरूकता पोर्टल, जिसका लिंक हमारे मुखपृष्ठ पर है — बैंकिंग जागरूकता सामग्री एवं शिकायतों हेतु।
Sanchar Saathi(नए टैब में खुलता है)
भारत सरकार — दूरसंचार धोखाधड़ी की शिकायत
भारत सरकार का पोर्टल, जिसका लिंक हमारे मुखपृष्ठ पर है — संदिग्ध कॉल, संदेश तथा आपके नाम पर लिए गए मोबाइल कनेक्शन की शिकायत हेतु।
बैंक तक पहुँचने के चार तरीके
आपको जो माध्यम सुविधाजनक लगे उसका उपयोग करें। अपना खाता नंबर और समस्या का विवरण तैयार रखें — इससे शाखा शीघ्र समाधान कर पाती है।
शिकायत फ़ॉर्म
इस साइट के ऑनलाइन शिकायत फ़ॉर्म के माध्यम से बैंक को लिखित शिकायत भेजें।
फ़ॉर्म खोलेंफ़ोन द्वारा
बैंक को कॉल करें: 05192-226372 / +91 9450169432 (सोम – शनि: प्रातः 10:00 – सायं 4:00)
बैंक को कॉल करेंईमेल द्वारा
banda.bucb@bandaurban.bank.in — अपने खाते और संपर्क विवरण के साथ हमें लिखें।
ईमेल भेजेंशाखा पर
गूलर नाका, मयूर टॉकीज़ रोड स्थित प्रधान कार्यालय, अथवा सिविल लाइंस, चिल्ला रोड शाखा पर पधारें।
शाखा विवरण30 दिनों में समाधान नहीं हुआ, या उत्तर से संतुष्ट नहीं हैं? भारतीय रिज़र्व बैंक लोकपाल तक पहुँचने की प्रक्रिया ऊपर “यदि शिकायत का समाधान न हो” में दी गई है। वहाँ शिकायत दर्ज करना निःशुल्क है।
बैंक क्या प्रकाशित करता है
अंकेक्षित तुलन-पत्र, शुल्क सूची तथा अदावी जमा की सूची किसी भी समय डाउनलोड की जा सकती है।
- खोलें बैंक शुल्क (01-05-2026 से प्रभावी) (पीडीएफ, नए टैब में खुलता है)बैंक शुल्क (01-05-2026 से प्रभावी)Charges · PDF
- खोलें अंकेक्षित तुलन-पत्र — मार्च 2026 (पीडीएफ, नए टैब में खुलता है)अंकेक्षित तुलन-पत्र — मार्च 2026Balance Sheet · PDF
- खोलें तुलन-पत्र — मार्च 2025 (पीडीएफ, नए टैब में खुलता है)तुलन-पत्र — मार्च 2025Balance Sheet · PDF
- खोलें अंकेक्षित तुलन-पत्र — मार्च 2024 (पीडीएफ, नए टैब में खुलता है)अंकेक्षित तुलन-पत्र — मार्च 2024Balance Sheet · PDF
- खोलें डीईएएफ (अदावी जमा) सूची (पीडीएफ, नए टैब में खुलता है)डीईएएफ (अदावी जमा) सूचीDEAF · PDF
अदावी खाते की जाँच
यदि आपका या आपके परिवार के किसी सदस्य का इस बैंक में लंबे समय से निष्क्रिय खाता हो सकता है, तो प्रकाशित डीईएएफ सूची देखें और अपने पहचान दस्तावेज़ लेकर शाखा जाएँ। राशि कितने भी समय बाद क्यों न हो, दावा योग्य बनी रहती है।